पहली घटना शुक्रवार देर रात मोहल्ला भाटवाड़ा में हुई। यहां मामचंद पुत्र तौखीराम और महेश पुत्र जनेश्वर का मकान है। मकान का काफी हिस्सा कच्चा है। दिनभर हुई बारिश के बाद देर रात दोनों के मकान भरभराकर गिर गए। घटना से कुछ देर पहले ही परिवार के सदस्य बाहर निकल गए थे। यदि अंदर होते तो बड़े हादसे का शिकार हो जाते। छत और दीवार के मलबे में दबकर दोनों के मकान में भारी नुकसान हुआ। काफी कीमती सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। छत गिरने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़ पड़े। उन्होंने मशक्कत कर मलबे में दबे सामान को बाहर निकाला। दूसरी घटना शनिवार सुबह नवाबगढ़ी गांव में हुई। यहां अरशद पुत्र निजामुद्दीन का परिवार रहता है। निजामुद्दीन ने मकान में ही पावरलूम मशीन लगा रखी है। सुबह तेज धूप निकली तो अचानक अरशद के मकान की छत गिर गई। घटना के वक्त परिवार के सदस्य बाहर थे जिसके चलते बड़ा हादसा होने से बच गया। छत के मलबे में पावरलूम मशीनें और अन्य कीमती सामान दब गया। अरशद के अनुसार उसे कई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ितों ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

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