मेरठ 21 अगस्त(चमकता युग) सुभारती विश्वविद्यालय के यु.आर.सी के अन्तर्गत सुभारती मेडिकल कालिज के शोध कमेटी ने एक दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ‘‘शौध कार्य को बढ़ावा एवं वित्त अनुदान प्राप्त कैसे करे’’ रहा। शौध कार्यशाला के मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध रिसर्च विशेषज्ञ डा.आर.एम पाण्डेय प्रोफसर एवं हैड बायोस्टेटिस्टिक्स विभाग एम्स,नई दिल्ली रहे।सुभारती मेडिकल कालिज के प्रधानाचार्य डा.ए.के श्रीवास्तव ने कार्यशाला आयोजित होने पर खुशी व्यक्त करते हुये कहा कि शोधकार्यों को बढ़ावा देने में हर तरह की मदद उपलब्ध कराने की बात कही।कार्यशाला में डा.राहुल बंसल चौयरमेन सुभारती मेडिकल कालिज अनुसंधान कमेटी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुये बताया कि किस प्रकार इस कार्यशाला में डा.आर.एम पाण्डये का कीनोट व्याख्यान होगा व तत्पश्चात सभी फैकल्टी द्वारा भेजे गये रिसर्च प्रपोजल पर पाँच-छःफैक्ल्टी के छोटे ग्रुप में डा.पाण्डेय जी द्वारा विस्तार से चर्चा की जायेगी।डा.आर.एम पाण्डेय ने अपने व्याख्यान में सबसे पहले यह कहा कि आई.सी.एम.आर जैसी फंडिंग संस्थायें अब प्राइवेट युनिर्वसिटी को भी रिसर्च अनुदान देने का इच्छुक हैं बशर्ते रिसर्च प्रपोजल अच्छे से बनाया गया हो।डा. आर.एम पाण्डेय ने कहा कि शौधकार्य ही एक बहुत महत्वपूर्ण तरीका है जिसके द्वारा आप शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।युवा शौधार्थी को रिसर्च अनुदान प्राप्त करने के लिये अपने रिसर्च प्रपोजल में विशेषज्ञों की राय के अनुसार बदलाव करने को तैयार रहना चाहिये और बार-बार प्रयास करते रहना चाहिये।डा.आर.एम पाण्डेय के व्याख्यान के अन्त में लगभग 6 प्रतिभागियों ने रिसर्च के बारे में बहुत गहरे प्रश्न पूछे जिनका डा.पाण्डेय ने भली प्रकार उत्तर दिया तत्पश्चात् सभी प्रतिभागी 6-7 के ग्रुप में अलग-अगल टेबिल पर बैठ गये और एक रिसर्च प्रपोजल पर गहन मंथन किया। इसके बाद डा.पाण्डेय हर टेबिल पर गये जहा पर उनके साथ रिसर्च कमेटी के मैम्बर भी थे। डा.पाण्डये ने हर रिसर्च प्रपोजल पर अपनी राय रखी व उनसे सम्बन्धित उचित संशोधन कराये। अन्त में डा. पाण्डेय ने सभी फैकल्टी के प्रयास को सराहा और उन्हें शुभकामनाये दी। कार्यशाला में अलग-अलग विभागों के 40 से अधिक फैक्ल्टी मैम्बरों ने भाग लिया एवं सेम्पल/मॉडल शौध प्रोजेक्ट बनाकर प्रत्येक ग्रुप में विस्तार से चर्चा की।यु.आर.सी (युनिर्वसिटी रिसर्च कमेटी) की ओर से डा.मुकुल ने कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला के अंत में डा.श्वेता ग्रोवर मेम्बर सक्रेटरी शौध कमेटी ने डा.आर.एम पाण्डेय,विश्वविद्यालय प्रबन्धन व प्रधानाचार्य डा.ए.के श्रीवास्तव का धन्यवाद दिया। कार्यशाला के आयोजन में कालिज शौध कमेटी के मेम्बर डा.भावना रस्तोगी,डा. संदीप कुमार यादव,डा.कायनात नासिर,डा.क्रतांजली,डा.निशांत वडेरा का विशेष सहयोग रहा और साथ ही डा.अलका सिंह (परास्नातक छात्रा तृतीय वर्ष), डा.प्रतीक किशोर (परास्नातक छात्र द्वितीय वर्ष) व डा.आकाश खोखर (इन्टर्न्स) का भी सहयोग रहा।डा.श्वेता ग्रोवर ने मि.शकील अहमद,मि.हृदयेश त्यागी,मि. जुबैर खान,मि.सतीश,मि. मशरूल अहमद,मि.अनिल फोटोग्राफर,मि.संजय विडियोग्राफर मि.कुलदीप,मि. कैलाश,मि.सुशील का आयोजन में सहयोग के लिये धन्यवाद दिया।

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