मेरठ 28 फरवरी (CY न्यूज) मेरठ के थाना खरखौदा क्षेत्र के गांव फफूडा इन दिनों चर्चा में है। यहां पर एक बैल के मरने के बाद उसकी तेरहवीं पर आत्मशांति के लिए हवन और ब्रहमभोज के आयोजन की तैयारियां चल रही है। इस कारण से आसपास के गांव में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में यह बैल की तेरहवीं की चर्चा है। मनुष्य की मौत के बाद उसकी आत्मा की शांति के लिए हवन, रस्म पगड़ी और ब्रह्म भोज की परंपरा का आयोजन किया जाता है। लेकिन मेरठ के इस फफूंडा गांव में सेना से रिटायर्ड सूबेदार अपने बैल की मौत पर ब्रह्म भोज का आयोजन कर रहे हैं। इसमें सांसद और विधायक समेत करीब एक हजार लोगों को बुलावा भेजा गया है। फफूंडा निवासी रिटायर्ड सूबेदार विजय सिंह भड़ाना ने बताया कि नवंबर 2000 में पुलिस ने गांव के बाहर गोवंशी से लदी एक गाड़ी पकड़ी थी। गोवंशी को कटान के लिए ले जाया जा रहा था। आरोपितों को जेल भेजकर एक गोवंशी को उनके बेटे को दे दिया। उस समय बैल की आयु करीब तीन साल थी। सूबेदार के परिजनों ने बैल का नाम भगत जी रखकर उसका पालन-पोषण किया। 25 वर्ष तीन माह की आयु पूरी करने के बाद 23 फरवरी को बैल की मौत हो गई। इसके बाद उसे दफनाया गया। रिटायर्ड सूबेदार का कहना है कि बैल की आत्मा की शांति के लिए सात मार्च को हवन के बाद ब्रह्म भोज रखा गया है, जबकि शाम को शोक सभा होगी।
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