पति-पत्नी पहले एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझें फिर बच्चे की योजना बनायें।
शादी के दो साल बाद ही बनायें बच्चे के जन्म की योजना, दो बच्चों के जन्म के बीच तीन साल का अंतर बहुत जरूरी।
मेरठ 14 जुलाई (CY न्यूज) शादी के मौके पर मिलने वाले तमाम तोहफों में से उसी दरम्यान मिलने वाला एक ख़ास तोहफा आपके पूरे जीवन को खुशहाल बना सकता है। बस जरूरत है उसकी खासियत को समझते हुए सही मायने में जीवन में अपनाने की। वह है क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता के माध्यम से शादी के तुरंत बाद शगुन के रूप में भेंट की जाने वाली नई पहल किट। इस किट में कई जरूरी सामग्री के साथ ही परिवार नियोजन के अस्थायी साधन कंडोम व गर्भ निरोधक गोलियों को भी शामिल किया गया है। परिवार नियोजन के इन अस्थायी साधनों को अपनाकर पति-पत्नी को एक-दूसरे को समझने और आर्थिक रूप से मजबूती लाने का पर्याप्त समय मिल सकता है। इस तरह यह किट महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के साथ ही परिवार के हर सदस्य की खुशहाली का जरिया भी बन सकता है। परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा.विश्वास चौधरी का कहना है कि विवाह के बाद बहू के ससुराल में कदम रखते ही आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुभ शगुन के रूप में नई पहल किट का तोहफा देती हैं। इसका उद्देश्य नवविवाहित दम्पति को पारिवारिक और वैवाहिक जीवन के दायित्वों के लिए तैयार करना है ताकि वह अपना आगे का जीवन बिना संकोच और झिझक के खुशहाल, सुरक्षित और सुंदर बना सकें। सेहत के साथ ही आर्थिक बेहतरी के लिए जरूरी है कि बच्चे के जन्म की योजना शादी के दो साल बाद ही बनाएं और दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर जरूर रखें।
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