यदि हम अभी नहीं जागे तो आगामी दशक में हालात बहुत भयावह होंगे।
हालांकि शहर में कुछ संस्थाएं एवं बहुत से बहुत से जलदूत इसे बचाने के लिए लोगो को जागरूक कर रहे हैं परन्तु आवश्यकता है कि जिले के सभ्रांतगण जल संरक्षण जागरूकता अभियान चला रहे लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें।
जिले में एक ऐसी ही SWAPN (Save Water Awareness For Protecting Nation) नामक संस्था विशेष रूप से जल की बर्बादी रोकने एवं भू गर्भ जल संरक्षण के प्रति लोगो को जागरूक कर रही है। जिसके संस्थापक दिनेश शर्मा का कहना है कि भूजल के गिरते स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है बशर्ते यहां के लोग जल के महत्व को समझे।
सह-संस्थापक आयुष भारद्वाज का कहना है कि पृथ्वी से जल का अधिक दोहन बेहद चिंता का विषय है। सामूहिक प्रयासों से ही हमारी भावी पीढ़ी के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। हम सभी को जल मिल सकेगा। जिले में भू जल के अधिक दोहन पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट, पिट, तालाब, पोखर, कुएं के साथ ही जल के विभिन्न श्रोतों के माध्यम से वर्षा जल संचयन कर भू जल को पूरा करने की आवश्यकता बताई।
संस्था के विशेष सहयोगी- प्रथमा बैंक प्रबंधक आर0 के0 उपाध्याय ने बातचीत के दौरान भूगर्भ जलस्तर में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए
आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचाने के लिए जल संरक्षण अनिवार्यता की बात कही।

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