लिसाड़ी गेट के मोमीन नगर निवासी कपड़ा व्यापारी मंजूर मलिक और उसके बेटे अरशद को नौचंदी पुलिस 25 मई को घर से उठाकर ले आई। आरोप है कि पिता-पुत्र बच्चों के एक विवाद में आरोपी हैं।रातभर थाने में पंचायत का दौर चला. मंजूर मलिक का आरोप है कि थाना प्रभारी प्रेमचंद शर्मा ने दोनों को छोड़ने के लिए एक लाख रुपये मांगे। 50 हजार रुपये दे दिए गए। 50 हजार रुपये बाद में देने का भरोसा दिलाया। पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। उनसे 50 हजार रुपये की व्यवस्था नहीं हो पाई। इस पर पुलिस ने मंजूर के बेटे अनस, समद और रिश्तेदार मोहिद को बच्चों के विवाद में उठाकर जेल भेज दिया। 21 मार्च को सुजल भवन और सात अप्रैल को ग्रीन मिल्लत में हुए झगड़े में मंजूर के बेटे को आरोपी बना दिया है। मंजूर ने एसएसपी से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ऑफिस से मंजूर को पीली पर्ची काटकर दी गई है। इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि संगीन मामलों में आरोपियों को जेल भेजा है इसलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। लेन-देन का कोई मामला नहीं है।

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