मोदी नगर 15 जुलाई (चमकता युग) अमृत, नगरीय निदेशालय उत्तर प्रदेश के अंतर्गत नगर पालिका परिषद मोदी नगर, सीवरेज योजना के अंतर्गत सीवरेज का कार्य विगत वर्षों से चल रहा है, यह कार्य आमजन के लिए जी का जिंजजाल बना हुआ है , संबंधित अधिकारीगण भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं ? सीवरेज कार्य हेतु जगह- जगह गड्ढे खोद कर डाल दिए हैं इनको नियमानुसार निर्माण कार्य में निम्न स्तर की निर्माण सामग्री लगाना, सीवरेज पाइप लाइन को नियमानुसार न डालने के सड़क को ठीक ढंग से निर्माण न करना आदि उत्तर प्रदेश शासन व कार्यदायी के बीच अनुबंध का खुलेआम उल्लंघन है ? यहाँ तक की अनुबंध के अनुरूप कार्य न करना ।
अटल मिशन फार रिजूवनेशन एण्ड अर्बन ट्रांसफार्मेशन के अंतर्गत यथानिर्धारित शर्तों व प्रतिबन्धों के अधीन प्रश्नगत धनराशि का व्यय उन्हीं कार्यों पर किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृति दी जा रही है । स्वीकृति धनराशि किसी अन्य कार्य पर व्यय नहीं की जायेगी । सामग्री व उपकरणों का क्रय वित्तीय नियमानुसार किया जायेगा, परंतु सामग्री व उपकरणों का क्रय वित्तीय नियमानुसार नहीं किया है ?
यह है कि नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाये, का कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य कराने से पूर्व संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किये गये या नहीं की जांच होना भी अति आवश्यक है । सीवरेज निर्माण कार्यों में अनिमितताएं ही अनिमितताएं हैं, जो कि अपराध की श्रेणी में आता है ?
ज्ञात रहे कि सैप वर्ष 2017- 20 के लिए अमृत के अंतर्गत नगर पालिका परिषद मोदी नगर सीवरेज योजना अनुमानित लागत एक अरब पांच करोड़ सैतालिस लाख छह हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय व उक्त के सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में सत्रह करोड़ तैंतीस लाख अट्ठान्नवे हजार रुपये (केन्द्रीय +राज्यांश +सेन्टेज) की धनराशि अवमुक्त किये जाने पर राज्यपाल शर्तों, प्रतिबन्धों एवं विवरण के अनुसार स्वीकृति दी गयी है ।
जनहित एवं शासन हित में उक्त तथ्यों की जांच निष्पक्ष एजेंसी से करायी जाये जिससे घोटाले का पर्दाफाश हो सके और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सके ।
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