औरैया (कंचौसी संवाददाता विपिन गुप्ता) 14 दिसंबर (चमकता युग) खेतों में तैयार गेहूँ, लाही, मटर चना, अरहर आदि फसलों की सिंचाई प्रभावित होने से पहले इटावा नहर व उससे जुड़े बंमबा मधवापुर, ढिकियापुर, सुखमपुर, कमरा नाला, मंगलपुर, माइनर आदि में पानी का बहाव देख किसानों के चेहरों पर चमक दिखाई देने लगी है। जो खेतों में खड़ी फसलों की पहली सिंचाई के लिए दो सप्ताह से इन्तजार कर रहे थे। किसान प्रेमचंद, रमाकांत, रमेश चंद्र, सियाराम, रामप्रकाश, बेचेलाल, राजेंद्र सिह, गंगा राम, महेंद्र पाल आदि ने नहर में पानी का बहाव देख फसलों को सींचने की तैयारी शुरू कर दी है। इन किसानों का कहना है कि डीजल की महंगाई और पम्प प्लास्टिक पाइप के सहारे खेतों की सिंचाई करना अधिक महंगा पड़ता है। जबकि नहर बमबों से सिंचाई लाभदायक और अधिक समय तक नमी रहने की छमता होती है। जिससे फसल उखड़ती नहीं है।
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