Saturday, 11 December 2021

जहां लोग मजबूत वहीं मानवाधिकार सुरक्षित: अवनीश त्यागी।

मेरठ 10 दिसंबर (चमकता युग) वसुधैव कुटुंबकम की परिकल्पना को साकार करने वाला भारत विश्व की महान संस्कृति वाला राष्ट्र है। यहाँ के लोग मानव के अधिकारों की ही सुरक्षा नहीं करते वरन जीव जंतुओं का भी उतना ही ख्याल रखते हैं। मानव अधिकारों की सुरक्षा भी वहीं हो पाती है जहां के लोग मजबूत होते है। हमारे पड़ोसी देश तिब्बत की सरकार हमारे देश से चल रही है क्योंकि चीन ने उस पर कब्जा कर लिया है। अब तक लगभग तीस लाख लोग उस देश की आजादी के लिए शहीद हो चुके हैं। आज के दिन हमे संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने देश मे सदा  मजबूत सरकार का ही चयन करेंगे। तभी हम अपने अधिकारों और राष्ट्र की सुरक्षा कर पाएंगे और अपने पड़ोसियों की भी। उक्त बातें वरिष्ठ पत्रकार अवनीश त्यागी ने गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग मे “अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और तिब्बत” विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में कही। संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत तिब्बत सहयोग मंच एवं गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान मे हुआ। संगोष्ठी की शुरुआत भारत के अखंड भाषाई मानचित्र पर दीप प्रज्वलन और भदंत चंद्रकीर्तिजी के मंगलाचरण गायन के साथ हुआ। साथ ही अतिथियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय का भ्रमण किया। अतिथियों का स्वागत स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति सेवानिवृत मेजर जनरल जीके थपलियाल ने पौधा, अंगवस्त्र व स्मृतिचिन्ह भेट कर किया। अपने उद्बोधन मे उन्होंने कहा कि सभी को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन अधिकारों का इस्तेमाल भी आवश्यकतानुसार उनको करना चाहिए। युवाओं को मानव के अधिकारों की रक्षा व उनके लिए काम भी करना चाहिए। विषय प्रवर्तन कला संकाय के अधिष्ठाता व जनसंचार विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डा.नीरज कर्ण सिंह ने किया। महानगर संघ चालक मेरठ विनोद भारतीय ने अपने उद्बोधन मे कहा कि तिब्बत से भारत के संबंध ईसा से 127 वर्ष पूर्व से हैं। धीरे धीरे यह संबंध गुरु और शिष्य के रूप मे परिणित हुआ। भारत की सहिष्णुता को हमारे पड़ोसी देश ने गलत आँका और हमारे जमीन पर कब्जा कर लिया। हम आध्यात्मिक दृष्टिकोण रखते है जबकि चीन विस्तारवादी नजरिया रखता है। इसलिए हमे मजबूती से अपने साथ साथ अपने पड़ोसियों का ध्यान रखना होगा।राष्ट्रीय सेवा योजना के सलाहकार डा.हिरोहितों ना इस अवसर पर कहा कि तिब्बत आजादी माँगता है और हम सुरक्षा। परमपावन दलाई लामा हमारे श्रद्धेय है। उनकी जमीन की लड़ाई हमारी लड़ाई है। संगोष्टी की समाप्ति पर धन्यवाद ज्ञापन शिक्षा विभाग के अधिष्ठाता संदीप चौधरी ने दिया। संगोष्ठी का संचालन पत्रकारिता विभाग की प्राध्यापिका प्रीति सिंह ने किया। इस अवसर पर कला संकाय के सभी शिक्षक, विद्यार्थी, राष्ट्रीयसेवा योजना की डा.सीमा , सुश्री मनीषा आदि उपस्थित थे।

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