नौ मार्च से चलेगा ए.सी.एफ ए 1.47 लाख घरों का होगा सर्वे।
पहली बार 20 फीसदी आबादी की होगी स्क्रीनिंग।
मेरठ 04 मार्च (CY न्यूज) जनपद में टी.बी रोगियों को खोजने के लिए नौ मार्च से एक्टिव केस फाइंडिंग ए.सी.एफ अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 22 मार्च तक चलेगा। 10 मार्च को मतगणना के चलते अभियान स्थगित रहेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर टी.बी रोगी खोजेंगी। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 248 टीम गठित की गयी हैं जो जनपद के करीब 1.47 लाख घरों का सर्वे करेंगी। पहली बार ए.सी.एफ के दौरान शासन से 20 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक केवल 10 फीसदी आबादी की ही स्क्रीनिंग की जाती थी। जिला क्षय रोग अधिकारी डी.टी.ओ डा.गुलशन राय ने बताया की विभाग द्वारा अभियान के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। जनपद में करीब 8.04 लाख आबादी की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1.47 लाख घरों का सर्वे किया जाएगा। 248 टीम गठित की गई हैं, एक टीम में तीन सदस्य होंगे। हर पांच टीम पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। इस तरह अभियान में 45 सुपरवाइजर काम करेंगे। डा.राय ने बताया ए.सी.एफ के लिए क्षेत्रों का चयन कर लिया गया है। साबुन गोदान में 49 टीमें, कैंट में 10 टीेमें, पुलिस लाइन में 10 टीमें एल.एल.आर.एम में 19 टीमें, दौराला में 7 टीमें, खरखौदा में 7 टीमें, रजपुरा में 10 टीमें, जिला अस्पताल में 53 टीमें, जाकिर कालोनी एवं इस्लामाबाद में 72 टीमें, सिवालखास में 5 टीमें व सरूरपुर में 6 टीमों को लगाया गया है। इसके अतिरिक्त मलिन बस्ती, ईट भटठा और जिन स्थानों पर सबसे अधिक टी.बी मरीज मिल रहे है वहां पर सर्वे किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के दिशा-निर्देशानुसार लैब टेक्नीशियन और एस.टी.एल.एस बलगम की जांच, माइक्रोस्कॉपी, ट्रूनेट या सीबीनॉट मशीन से करेंगे। यदि किसी व्यक्ति में टी.बी की पुष्टि होती है तो उसकी ब्लड शुगर, यू.डी.एस.टी और एच.आई.वी की जांच कर सूचना निक्षय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। टी.बी की पुष्टि होने के 48 घंटे में रोगी का उपचार शुरू कराते हुए निक्षय पोषण योजना से लिंक किया जाएगा। इससे रोगी को इलाज के दौरान बेहतर पोषण के लिए पांच सौ रुपए प्रतिमाह मिल सकेंगे। विभाग की ओर से टी.बी की जांच और उपचार निशुल्क किया जाता है। डी.टी.ओ ने बताया सर्वे के लिए किसी भी घर में पहुंचने पर टीम के सदस्य सबसे पहले अपना परिचय देंगे। इसके बाद परिवार के सदस्यों की संख्या, किसी भी सदस्य को 15 दिन से अधिक खांसी, खांसी के साथ बलगम या खून आना, अचानक वजन कम होना या फिर बुखार रहने संबंधी सवाल करेंगे। यदि किसी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण होंगे तो उसके बलगम की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा टी.बी का संक्रमण रोकने के लिए मरीजों की जल्दी पहचान और जल्दी उपचार शुरू होना जरूरी है।
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