कैलाश प्रकाश के कार्यों को बेहतर करने पर दे सकेंगे सच्ची श्रद्धांजलि: डी.एम दीपक मीणा।
75वां आजादी का अमृत महोत्सव की श्रंखला में मेरठ के स्वतंत्रता सेनानी कैलाश प्रकाश की 113वीं जयंती पर प्रतिभा सम्मान समारोह।
मेरठ 17 जुलाई (CY न्यूज) 75वां आजादी का अमृत महोत्सव की श्रंखला में मेरठ के स्वतंत्रता सेनानी कैलाश प्रकाश की 113वीं जयंती पर रविवार को आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में खेल और शिक्षा क्षेत्र की 30 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने कहा कि कैलाश प्रकाश की सोच को खुद में भी जाग्रत करने की जरूरत है। साथ ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि कैलाश प्रकाश को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दे सकेंगे, जब उनके द्वारा किए गए कार्यों को बेहतर कर सकें। समारोह में काफी गणमान्य लोग शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय कैलाश प्रकाश की 113वीं जयंती पर उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। एल.एल.आर.एम मेडिकल कालेज के आडिटोरियम में अयोजित श्री कैलाश प्रकाश गायत्री देवी जन सेवा संस्थान एवं वैश्य अग्रवाल राजवंश सभा के बैनर तले स्वर्गीय कैलाश प्रकाश के चित्र पर अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, सचिव सुभाष चंद्रा, कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता के अलावा गिरीश बंसल के आग्रह पर विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन और पुष्पांजलि से समारोह की शुरुआत हुई। इसके बाद छात्राओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत इस प्रतिभा सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि कैलाश प्रकाश की जयंती पर उन्हें याद किया रहा है, अच्छा लग रहा है। स्वतंत्रता सेनानी और जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने देश और मेरठ को जो दिया, वह अनुकरणीय है। उन्होंने मेरठ को आजादी के बाद मेरठ को मेडिकल कालेज, विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स स्टेडियम को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इनको सुविधाओं के साथ और बेहतर करने की जरूरत है। ताकि हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की जड़े मजबूत होनी चाहिए, ताकि जब वे बाहर जाएं तो जड़ें मजबूत होने के कारण उन पर बाहरी दुष्प्रभाव न पड़ें, क्योंकि मैंने ऐसे कई टॉपर्स प्रतिभावानों को टूटते देखा है। विशिष्ट अतिथि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने कहा कि कैलाश प्रकाश स्वतंत्रता सेनानी के बाद जनप्रतिनिधि के रूप में विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज और स्टेडियम मेरठ को दिया। विश्वविद्यालय एक सोच होती है, जो काम शुरू हुए हैं, उन्हें युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहिए। हम उनकी सोच को नमन करते हुए खुद को उनके विचारों से जाग्रत होने की जरूरत है। उन्होंने कैलाश के नाम से मैथ्स का गोल्ड मेडल शुरू करने का भी आश्वासन दिया। कैलाश प्रकाश के कार्यों को और बेहतर करने की जरूरत है। कैलाश प्रकाश गायत्री देवी जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि कैलाश प्रकाश जी आगरा विश्वविद्यालय के एमएससी गोल्ड मेडलिस्ट थे। 17 साल तक उनके नंबरों को रिकार्ड नहीं टूटा था। वह शिक्षाविद् थे और डी.एन कालेज के उप प्राचार्य भी रहे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने काफी कार्य किए। समारोह में आए विशिष्ट अतिथि कुंवर शेखर विजेंद्र जो शोभित यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं, उन्होंने भी कैलाश के योगदान को अतुल्य बताया। उन्होंने उनकी तुलना उस जड़ से की जो हमेशा स्फूर्ति आगे की पीढ़ियों को देती हैं। इसी अवसर पर उन्होंने आश्वासन भी दिया कि वह हमेशा कैलाश जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हैं। विशिष्ट अतिथि उद्यमी व समाज सेवी अशोक गुप्ता ने कहा कि वह कैलाश को अपनी प्रेरणा मानते हैं और आगे बढ़चढ़ कर शिक्षा और खेल के क्षेत्र में काम करने की जिज्ञासा जताई। स्कूल के प्रधानाचार्य डा.सुशील शर्मा ने इस अवसर पर बताया कि कैलाश प्रकाश ने कौन-कौन से सामाजिक कार्य किए और समाज की सेवा में अपना जीवन बिता दिया। आर.एस.ओ योगेंद्र पाल सिंह ने इस अवसर पर कहा कि कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुछ लोग नशे का धंधा करके खिलाड़ियों को बर्बाद कर रहे हैं। तीन महीने के अंदर स्टेडियम का साफ सुथरा माहौल किया जाएगा, यही कैलाश प्रकाश के लिए सही मायने में श्रद्धांजलि होगी। डी.ए.वी विशिष्ट अतिथियों ने कोच जबर सिंह सोम, अलका तोमर, मनु अत्री, प्रियंका गोस्वामी, क्रिकेट के उभरते सुपर स्टार प्रियम गर्ग, विनायक बहादुर जो कि मूक बधिर होते हुए भी बैडमिंटन के राष्ट्रीय खिलाड़ी समेत कुल 30 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।

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