Saturday, 10 September 2022

पितृ पक्ष शुरू, ब्रजघाट पर उमड़े श्रद्धालु।

दिवंगत पितरों का किया तर्पण।

गढ़मुक्तेश्वर 10 सितंबर (CY न्यूज) शनिवार से पितृ पक्ष शुरू हो चुका है। इस बार पितृ पक्ष 16 दिन का है। भाद्रपद माह के पूर्णिमा तिथि से लेकर अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष चलता है। गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट गंगा में आज हजारों श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। साथ ही दिवंगत पितरों का तर्पण किया। महानगरों से आए लोगों ने गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र का दान भी किया। पड़ोसी जनपदों व राज्यों से आए हैं लोग भाद्रपद पूíणिमा आज है। आज के दिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूरस्थ जिलों के लोग तीर्थनगरी आए हैं। यहां पर शुक्रवार देर शाम से ही लोगों का आना शुरू हो गया है। चौतरफा चहल-पहल और बाजारों में रंगत बढ़ी है। सैकड़ों धर्मशाला, मंदिर और आश्रम परिसर फुल हो गए हैं। भक्तों को मुख्य बाजार, शिवचौक, रेलवे रोड, पक्के बांध समेत विभिन्न स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होना पड़ा। देर रात होने पर अधिकांश भक्तों की भीड़ गंगा तट पर एकत्र हो गई। शुभ मुहूर्त प्रारंभ होते ही प्रात: काल में लोगों ने हर-हर गंगे के जयकारों के बीच मोक्षदायिनी में डुबकी लगाया। गंगा किनारे बैठे पंडितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। फिर तीर्थनगरी के प्रसिद्ध मंदिरों में पहुंचकर अपने ईष्ट देवों की पूजा अर्चना की। इसके बाद अपने दिवंगत पूर्वजों का श्राद्ध कर्म भी किया।

पितृ पक्ष की यह है मान्यता:

पितृ पक्ष यानी श्राद्ध का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। पितृ पक्ष में पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करके उनका श्राद्ध कर्म किया जाता है। श्राद्ध न केवल पितरों की मुक्ति के लिए किया जाता है, बल्कि उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए भी किया जाता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

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