कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी तैयार।
मेरठ 04 अक्टूबर (CY न्यूज) बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव विजयदशमी पर्व इस बार पांच अक्टूबर यानी कल बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन रावण दहन की परंपरा सदियों पुरानी हैं। मेरठ में शहर से देहात तक करीब 18 स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले दहन किए जाएंगे। रावण के पुतले की अधिक ऊंचाई 120 फुट तक है। इसके बाद 105, 90 और कहीं पर 80 फुट ऊंचा रावण का पुतला देखने को मिलेगा। रावण के साथ कुंभकरण के पुतले की ऊंचाई 100, 90, 80 और 60 फुट तक रखी गई हैं। दशानन के पुतले को सात घोड़ों के रथ पर सवार किया हैं। रावण के पुतले की बड़ी-बड़ी मूंछे बनाई है। इस बार रावण दहन के समय रावण की आंखों से अंगारे निकलेंगे और आग का झरना बहेगा। रावण के विशालकाय पुतले को जलाने के लिए 30 पटाखा बम लगाए है। दशहरे पर विशेष आतिशबाजी करने वालों को जयपुर से बुलाया है।
श्री रामलीला कमेटी भैंसाली मैदान:
यहां पर 120 फुट ऊंचा रावण,110 फुट ऊंचा कुंभकर्ण और 100 फुट ऊंचा मेघनाद का पुतला है। रावण सात घोड़ों पर सवार होगा। भव्य आतिशबाजी और मेला रावण दहन का समय रात 10.30 बजे रहेगा। श्री रामलीला कमेटी मेरठ शहर में 150 साल से रावण दहन कार्यक्रम हो रहा है। यहां पर 120 फुट ऊंचा रावण, 60 फुट ऊंचा कुंभकर्ण, 60 फुट ऊंचा अहिरावण, 60 फुट ऊंचा मेघनाद का पुतला है। दो घंटे तक लगातार होगी। रिमोट कंट्रोल से बहुरंगी आतिशबाजी की जाएगी। 10 हजार पटाखों की लड़ियां छोड़ी जाएगी। रावण दहन का समय: रात 9.30 बजे है।
सूरजकुंड रामलीला कमेटी:
40 साल से रावण दहन हो रहा है। यहां पर 105 फुट ऊंचा रावण है। जबकि 100 फुट ऊंचा कुंभकर्ण और 95 फुट ऊंचा मेघनाद का पुतला है। इलेक्ट्रिक पटाखों से एक घंटे तक लगातार रंग बिरंगी आतिशबाजी होगी। रावण दहन का समय रात 10 बजे रखा गया है।

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