Saturday, 24 July 2021

ग्राम नानपुर स्थित रूद्रा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के प्रांगण में आज गुरुपूर्णिमा के पर्व को बड़े ही हर्षाेउल्लाष के साथ मनाया


मेरठ  24 जुलाई (चमकता युग) ग्राम नानपुर स्थित रूद्रा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के प्रांगण में आज गुरुपूर्णिमा  के पर्व को बड़े ही हर्षाेउल्लाष के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० गंगादास सिंह ने पौधरोपण किया उन्होंने पीपल, बरगद व नीम के पौधे लगाए। इस अवसर पर सभी ने अपने अपने गुरु का स्मरण करके एक एक पौधा लगाया और उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया।  महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे। 

महाविधालय के प्राचार्य डॉ गंगादास सिंह ने इस अवसर पर गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया की अज्ञानरूपी प्रकाश फ़ैलाने का कार्य करता है।  गुरु स्थान उस परम पिता परमेश्वर से भी ऊँचा  है। डॉ० गंगादास सिंह ने बताया कि गुरु एक कुम्हार  के समान होता है। जो उसमें मिट्टी के समान लॉच पैदा करता है। बच्चे को आवश्यक पड़ने पर डांटता भी है लेकिन उसे सिखाने में अपना सब कुछ झोंक देता है। वही है जो एक अबोध बालक को सुबोध नागरिक बनाता है। गुरु ही है जो समाज का निर्माण करता है। और वह भी गुरु ही है जो राष्ट्र का निर्माण करता है। प्राचार्य महोदय ने बताया कि मैं आज जो कुछ भी हूं उसमें किंचित मात्र भी कुछ नहीं है। सब मेरे गुरु जी की कृपा है। डा० गंगादास सिंह ने स्वचरित गुरु वंदना प्रस्तुत की। और गुरु का महत्व क्या है इससे संबंधित पेरू प्रसंग सुनाया।प्राचार्य महोदय ने गोष्टी उपस्थित सभी गुरुजनों को सम्मानित किया। संस्थान के डायरेक्टर डॉ पवन तोमर ने कहा कि मानव जीवन में गुरु के उपकार से बड़ा कोई उपकार नहीं है आर आईटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल जफर व मेरठ  24 जुलाई (चमकता युग) ग्राम नानपुर स्थित रूद्रा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के प्रांगण में आज गुरु पूर्णिमा  के पर्व को बड़े ही हर्षाेउल्लाष के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० गंगादास सिंह ने पौधरोपण किया उन्होंने पीपल, बरगद व नीम के पौधे लगाए। इस अवसर पर सभी ने अपने अपने गुरु का स्मरण करके एक एक पौधा लगाया और उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया।  महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे। 

महाविधालय के प्राचार्य डॉ गंगादास सिंह ने इस अवसर पर गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया की अज्ञानरूपी प्रकाश फ़ैलाने का कार्य करता है। गुरु स्थान उस परम पिता परमेश्वर से भी ऊँचा  है। डॉ० गंगादास सिंह ने बताया कि गुरु एक कुम्हार  के समान होता है। जो उसमें मिट्टी के समान लॉच पैदा करता है। बच्चे को आवश्यक पड़ने पर डांटता भी है लेकिन उसे सिखाने में अपना सब कुछ झोंक देता है। वही है जो एक अबोध बालक को सुबोध नागरिक बनाता है। गुरु ही है जो समाज का निर्माण करता है। और वह भी गुरु ही है जो राष्ट्र का निर्माण करता है। प्राचार्य महोदय ने बताया कि मैं आज जो कुछ भी हूं उसमें किंचित मात्र भी कुछ नहीं है। सब मेरे गुरु जी की कृपा है। डा० गंगादास सिंह ने स्वचरित गुरु वंदना प्रस्तुत की। और गुरु का महत्व क्या है इससे संबंधित पेरू प्रसंग सुनाया।प्राचार्य महोदय ने गोष्टी उपस्थित सभी गुरुजनों को सम्मानित किया। संस्थान के डायरेक्टर डॉ पवन तोमर ने कहा कि मानव जीवन में गुरु के उपकार से बड़ा कोई उपकार नहीं है आर आईटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल जफर वसी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन को सवारने में गुरु का सबसे अहम योगदान होता है। संस्थान के चीफ प्रॉक्टर गुरमेहर खरे ने भी गुरु की सर्वाेच्चता पर प्रकाश डाला। अवसर पर सारिका गर्ग, मीडिया प्रभारी विकास मोहन, शैंकी त्यागी, शुभम भाटी, राजकुमार वर्मा, अश्वनी मिश्रा, एस के गौतम, हरेंद्र सिंह, मोनिका शर्मा,शाकिर अली आदि उपस्थित रहे।

सी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन को सवारने में गुरु का सबसे अहम योगदान होता है। संस्थान के चीफ प्रॉक्टर गुरमेहर खरे ने भी गुरु की सर्वाेच्चता पर प्रकाश डाला। अवसर पर सारिका गर्ग, मीडिया प्रभारी विकास मोहन, शैंकी त्यागी, शुभम भाटी, राजकुमार वर्मा, अश्वनी मिश्रा, एस के गौतम, हरेंद्र सिंह, मोनिका शर्मा,शाकिर अली आदि उपस्थित रहे।

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