Monday, 18 October 2021

भारी बारिश के बीच प्रकृति ने बखेरी निराली छटा।

मेरठ 18 अक्टूबर (चमकता युग)  पिछले 24 घंटे से हो रही भारी बारिश ने जहां लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है,वहीं दूसरी ओर प्रकृति द्वारा अपनी छटा बिखेरते हुए रंग बिरंगा इंद्रधनुष आसमान में दिखाई पड़ा,मानो स्वयं इंद्र देवता आसमान से प्रकृति को निहार रहे हैं। इंद्रधनुष के बारे में लोगों के अलग-अलग मत हैं। जैसे इंद्रधनुष का स्वप्न में दिखाई देना यह जीवन में आने वाले सुख दुख का संकेत होता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार स्वप्न में इंद्रधनुष का देखना जीवन में सुख समृद्धि आने का संकेत होता है,यह सपना व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रसिद्धि में वृद्धि कराता है,इसके अलावा भी नौकरी व्यवसाय में भी सफलता का प्रतीक है। विज्ञान की माने तो आकाश में संध्या समय पूर्व दिशा में तथा प्रातकाल पश्चिम दिशा में वर्षा के पश्चात लाल,नारंगी,पीला,हरा,आसमानी,नीला तथा बैंगनी वर्णों का एक विशालकाय वृत्ताकार वक्र कभी-कभी दिखाई देता है। यह इंद्रधनुष कहलाता है। वर्षा अथवा बादल में पानी की सूक्ष्म बूंदों अथवा कणों पर पढ़ने वाली सूर्य किरणों का विक्षेपण ही इंद्रधनुष के सुंदर रंगों का कारण है। एक कहावत भी है कि दुनिया में जितने भी रंग है वे सारे किसी न किसी रूप में इंसान के शरीर में मौजूद हैं। रंग प्रकृति से साक्षात्कार कर आते हैं। इन्हें जीवन से अलग नहीं किया जा सकता। अध्यात्म में माना जाता है कि हर रंग ऊर्जावान है। इंद्रधनुष के सातों रंग शरीर के भीतर मौजूद 7 चक्रों से जुड़े हैं। रंगों का संतुलन हमारे स्वास्थ्य और सोच को सही दिशा देता है। इनका सही अनुपात जीवन के मधुर संगीत के लिए जरूरी है रंग हमें जीवन दर्शन समझाते हैं। और बताते हैं कि जीवन इंद्रधनुषी है। हर रंग में रंग ना ही तो जिंदगी है।

लाल रंग=पहला चक्र मूलाधार लाल रंग को दर्शाता है। यह काम ऊर्जा सहित सफलता उत्साह शक्ति सौभाग्य एवं ताकत को दर्शाता है।

नारंगी रंग=दूसरा चक्र स्वाधिष्ठान खुशी,आशीर्वाद,सफलता और शालीनता को दर्शाता है।

पीला रंग=यह रंग तीसरे महत्वपूर्ण चक्र मणिपुर पर आधारित है। यह इंसान की रचनात्मक क्षमता,ज्ञान,बुद्धिमता,विद्या,आत्मविश्वास,डर और निराशा जैसे गुण दोषों को नियंत्रित करता है।

हरा रंग=चौथा और अत्यंत महत्वपूर्ण चक्र अनाहत शांति,विश्वास,दया,अकेलेपन और ईर्ष्या को दर्शाता है।

नीला रंग=पांचवा चक्र विशुद्ध संवाद की शक्ति,समझदारी,न्याय के अलावा धैर्य सम्मान इच्छाशक्ति और नम्रता को दर्शाता है इस चक्र को नीला रंग संतुलित करता है। मनोविज्ञान के अनुसार नीला रंग बल,पौरुष व धीरता का प्रतीक है।

जामुनी रंग=छटा चक्र आज्ञा अंतर्ज्ञान के अलावा निडरता और वफादारी को दर्शाता है,जो जामुनी रंग की कमी या अधिकता पर निर्भर है।

बैंगनी रंग=सातवां चक्र आध्यात्मिकता,ध्यान,विवेक,आत्म त्याग,मनुष्यता को दर्शाता है। यह गुण बैंगनी रंग के संतुलन से आते हैं। सात चक्रों व सात रंगों का संतुलन और इससे जुड़ी ऊर्जा खुशहाल जीवन जीने में हमारी मदद करती है। जरूरत है कि हम जागरूक बने रंगों में छिपी ऊर्जा को पहचाने।

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