सी.डी.एस बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में थे सवार।
मेरठ 15 दिसंबर (चमकता युग) बीती 8 दिसंबर को हुए हेलिकॉप्टर हादसे में जीवित बचे कैप्टन वरुण सिंह का बुधवार को निधन हो गया। 95 फीसदी शरीर जलने के बाद बेंगलुरू के कमांड अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 14 यात्रियों का निधन हो चुका है। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले थे। माता-पिता भोपाल में रहते हैं। अभी यह साफ नहीं है कि अंतिम संस्कार मध्य प्रदेश में होगा या यू.पी में। एयरफोर्स ने भी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की पुष्टि कर दी है। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को इसी साल शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह 2004 में वायु सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने साल 2020 में भी मौत को मात दी थी। तब वे एल.सी तेजस उड़ा रहे थे। तब न केवल वे सुरक्षित बचे थे, बल्कि एल.सी तेजस को भी सुरक्षित बचाया था। यही कारण था कि इस बार भी उनके ठीक होने की उम्मीद की जा रही थी। 8 दिसंबर के हादसे के बाद से उनकी सेहत को लेकर अच्छी खबरें आ रही थीं। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन आज सुबह उनका निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को श्रद्धांजलि। देश के लिए उनकी सेवा को सभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पराक्रम, अत्यंत पेशेवराना अंदाज से देश की सेवा की। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया है- पायलट ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन से हुए दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह सच्चे फाइटर थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक जंग जारी रखी।
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