निजी ऑक्सीजन प्लांट संचालक बोले, हर परिस्थिति से निपटने का इंतजाम है हमारे पास।
सरकारी व निजी अस्पतालों में सभी ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील डा.चौधऱी।
मेरठ 11 जनवरी (CY न्यूज) जनपद में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मुस्तैदी और बढ़ा दी है। विभाग कोरोना के पिछली बार के अनुभव के आधार पर हर परिस्थिति से निपटने की योजना बनाकर चल रहा है। इसी क्रम में सरकारी व गैर सरकारी ऑक्सीजन प्लांट्स को पूरी तरह क्रियाशील किया जा चुका है।विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार ऑक्सीजन की किसी भी हाल में किल्लत नहीं होगी। जनपद में ऑक्सीजन की व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी डा.विश्वास चौधरी ने बताया संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिये विभाग पूरी तरह तैयार है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में लगे सभी आँक्सीजन प्लांट पूरी तरह से क्रियाशील हैं। मेरठ जिले में 29 ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। इसमें 12 सरकारी हैं। 17 ऑक्सीजन प्लांट निजी अस्पतालों में लगे हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसरर सभी निजी अस्पतालों को अब ऑक्सीजन प्लांट लगाना जरूरी है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान निजी चिकित्सालयों में लोकप्रिय, के.एम.सी, आंनद हॉस्पिटल, मेडविन में ही ऑक्सीजन प्लांट थे। लेकिन अब न्यूटिमा, सुशीला जसवंत राय आदि अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगा दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल ,मेरठ कैंट हास्पिटल, मेडिकल कालेज, सीएचसी मवाना, दौराला, खरखौदा, किठौर आदि स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट चालू हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 591ऑक्सीजन कंसनट्रेटर भी मौजूद हैं। इसके अतिक्ति कई सनिजी ऑक्सीजन प्लांट भी क्रियाशील हैं। बिजौली स्थित मेरठ मेडिऑक्सी प्लांट के संचालक सौरभ केन का कहना है। उनके यहां पर मेडिकल ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइआक्साइड, आर्गन व इंडस्ट्रीयल कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया उनके प्लांट में प्रतिदिन एक हजार से अधिक सिलेंडर आपूर्ति करने की क्षमता है। जरूरत पड़ने पर प्रति दिन 2800 डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति इसी प्लांट से की जा सकती है। उन्होंने कहा किसी भी हालात से निपटने के लिये वह तैयार हैं। परतापुर इनॉक्स ऑक्सीजन के संचालक रोहित का कहना है मेरठ, नोएडा व दिल्ली उनके ऑक्सीजन के कई प्लांट हैं। जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्ता है।
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