मोदीनगर 21 मार्च (CY न्यूज) मोदी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन का अपना कोई कार्य नहीं रूकता हैं। लेकिन आश्चर्य जनक बात यह है कि श्रमिकों को देने के लिए धनराशि दे नहीं है या फिर श्रमिकों का मेहनत कश का पैसा देना नही चाहते हैं। अभी तक एम.के ग्रुप के श्रमिकों को देने को कोई बड़ी धनराशि भी नहीं है। जिसे चेयरमैन भुगतान नहीं दे रहे हैं। जिससे मोदी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के वर्तमान चेयरमैन की छवि खराब हो रही है। श्रमिकों की मेहनत की कमाई का पैसा न मालूम क्यों नहीं देना चाहते हैं। मेहनत कश श्रमिकों का पैसा नहीं दे रहे हैं। हालाँकि मोदी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दूसरी यूनिट का जिस के ऊपर करोड़ों रूपया ब्याज सहित शेष वर्षों से हो वह अमीर की श्रेणी में कैसे हो सकता है और वह सेठ भी कहलाने लायक नहीं है। सेठ थे रायजादा बहादुर गूजर मल मोदी जिन्होंने बेगमाबाद में श्रमिकों के रहने के लिए मकान, फैक्ट्रियां आदि सुविधा देकर मोदी नगर का नाम दिया। यदि वास्तव में चेयरमैन विक्रमादित्य की कुर्सी पर बैठे हैं। तो श्रमिकों का मेहनत के पैसे का भुगतान करें।

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