Wednesday, 4 May 2022

पावर फुल नेताओं की वजह से नहीं हट रहा है मेरठ-गाजियाबाद का जाम।

मोदीनगर 03 मई (CY न्यूज) यातायात को सुचारू रूप से चलाना भारत देश में संविधान यातायात पुलिस की है। परन्तु यातायात पुलिस शासनादेश व पुलिस नियमावली का पालन नहीं कर रहीं हैं। शासनादेश व पुलिस नियमावली का पालन न करना अपराध की श्रेणी मे आता है। मेरठ- दिल्ली मार्ग पर जाम जैसी स्थिति रहती है। जबकि अधिकारियों का भी आवागमन भी खूब रहता है। फिर भी आमजन वाहनों के जाम से  परेशान है। आप माने या न माने यह जाम इस लिए भी लगता है कि अधिकारी सोचते हैं कि मेरा स्थानांतरण न हो जाए। एक कारण यह भी है कि सड़क पर पूर्व विधायक का कार्यालय एवं वर्तमान विधायक का व्यापार भी है। उन कि सरकार भी है। इसका फायदा अन्य व्यापारीगण भी उठाते हैं और यातायात पुलिस भी मूक दर्शक खड़ी रहती है। रोंग साइड चलने वाले वाहनों के चालान भी नाम-मात्र को ही काटे जाते है। लेकिन अधिकारियों व यातायात पुलिस को यह जाम नहीं दिखाई देता है। जिस दिन अधिकारी व यातायात पुलिस यह मन बना लेगी कि मेरा स्थानांतरण कभी भी हो जाये उसी दिन से सड़क का जाम समाप्त हो जाएगा। जनहित में संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान देगें। क्योंकि प्रतिनिधियों का कार्य आमजन को परेशान करना नहीं हैं।



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