जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर छात्र एवं छात्राएं।
औरैया/कंचौसी (संवाददाता विपिन गुप्ता) 03 सितंबर (CY न्यूज) प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए वर्तमान भाजपा की केंद्र एवं प्रदेश की सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। लेकिन विद्यालयों के जर्जर भवनों की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा रहा है। विद्यालयों में शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में छात्र-छात्राएं विद्यालय के जर्जर भवन में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। विद्यालयों के खस्ताहाल भवनों को देख अभिभावक भी छात्र-छात्राओं को विद्यालय भेजने से कतरा रहे हैं। इसका असर विद्यालयों में होने वाले नामांकन पर भी पड़ रहा है। जनपद औरैया तहसील बिधूना ब्लाक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत जमौली स्थित प्राथमिक विद्यालय का लगभग 20 साल से अधिक पुराना भवन जर्जर होने लगा है। विद्यालय की दीवारों में जगह-जगह दरार पड़ गई है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है। वर्षाकाल में दीवारों में सीलन हो जाती है। जर्जर भवन के कारण दुर्घटना की आशंका लगी रहती है। जर्जर भवन की सुध नहीं लिए जाने से चिंता का विषय बना हुआ है। प्रधानाध्यपिका पूर्णिमा प्रजापति और शिक्षक विमल कुमार ने बताया है कि भवन की पुरानी छत में लगी फर्शियां आपस में जाइंट छोड़ चुकी हैं। दीवारों में भी दरार हो चुकी है। वर्षा होने पर कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। दीवारों में भी दरारें पड़ चुकी हैं। और प्लास्टर हाथ लगाने भर से उखड़ रहा है। वर्षा के दिनों में सीलन के कारण कमरों में नमी और उमस महसूस किया जा सकता है। गांव के छोटे गरीब एवं असहाय परिवार के छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए विवश हैं। शिक्षकों ने इस दिशा में कई बार अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया है। परंतु जनपद, तहसील व ब्लाक के अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक भी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। शिक्षकों ने नया विद्यालय भवन बनाने की मांग की है।

No comments:
Post a Comment