Friday, 29 October 2021
ज्यादा से ज्यादा संख्या में बने भाजपा के सदस्य: काजी शादाब।
मां-बच्चे की जान के जोखिम को घटाना होगा। हर हाल में संस्थागत प्रसव कराना होगा।
संस्थागत प्रसव के फायदे गिनाये एसीएमओ डा.भारत भूषण ने, कहा इससे मातृ व शिशु मृत्यु दर पर लगता है अंकुश।
नोएडा 29 अक्टूबर (चमकता युग) सरकार का प्रयास है अधिक से अधिक प्रसव संस्थागत हों। इससे जहां मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायता मिलती है वहीं गर्भवती को सरकारी स्तर पर जननी सुरक्षा योजना सहित कई अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलता है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आर.सी.एच) डा.भारत भूषण ने बताया-संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए राज्यस्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्तर पर हर आशा कार्यकर्ता को प्रेरित करें कि वह अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर अवगत कराएं और हर सम्भव प्रयास करें कि प्रसव संस्थागत ही हो। इसके अलावा यह भी अवगत कराएं कि संस्थागत प्रसव के अतिरिक्त कितने प्रसव निजी अथवा घर पर कराए गए हैं,ताकि उन महिलाओं और बच्चों की देखभाल उचित तरीके से हो सके। इससे मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहाय़ता मिलेगी। संस्थागत प्रसव से होने वाले लाभ डा.भारत भूषण ने कहा- संस्थागत प्रसव से प्रसूता और होने वाले बच्चे को कई फायदे होते हैं। सबसे पहले तो गर्भधारण के तत्काल बाद ही जांच व उपचार की सुविधा मिल जाती है। उच्च जोखिम प्रसव वाली गर्भवती चिन्हित हो जाती हैं। इससे गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और प्रसव के बाद देखभाल और निगरानी करने में सहायता मिलती है, जबकि घर पर होने वाले प्रसव के दौरान यह सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
नवजात शिशु की देखभाल के लिए तत्काल चिकित्सा सुविधा मौजूद रहती है एवं बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा नियमित रूप से जांच की जाती है। बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध भी मिल जाता है। संस्थागत प्रसव के दौरान अस्पताल में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है। जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे को मां का पीला गाढ़ा दूध पिलाना बहुत जरूरी होता है, जबकि घर पर अक्सर बच्चा मां के पीले गाढ़े दूध से वंचित रह जाता है, जो कि आगे चल कर कुपोषण सहित कई अन्य बीमारियों का शिकार हो जाता है। संस्थागत प्रसव होने पर बच्चे का टीकाकरण समय पर हो जाता है, जबकि घर पर पैदा हुए बच्चों का कई बार जानकारी के अभाव में समय पर टीकाकरण नहीं हो पाता है। संस्थागत प्रसव होने पर बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में कोई दिक्कत नहीं आती है, जबकि घर पर पैदा हुए बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार समय पर औपचारिकता पूरी न होने के कारण समस्या और बढ़ जाती है।
संस्थागत प्रसव होने पर परिवार नियोजन के बारे में जानकारी मिल जाती है और जरूरत के हिसाब से साधन भी उपलब्ध हो जाते हैं। इसके अलावा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत किसी भी सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर प्रसूति को आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये जबकि शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये मिलते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना का लाभ पहली बार मां बनने वाली सभी गर्भवती को मिलता है, प्रसव चाहे संस्थागत हो अथवा कहीं और। लेकिन संस्थागत प्रसव होने पर तमाम औपचारिकता समय पर पूरी हो जाती हैं और समय पर योजना का लाभ मिल जाता है। परिवार नियोजन विशेषज्ञ ने बताया वर्ष 2021 अप्रैल से सितम्बर तक जनपद में 17711 संस्थागत प्रसव हुए हैं। जनपद में 10 सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर है संस्थागत प्रसव की सुविधा
डा.भारत भूषण ने बताया जनपद में 10 सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पताल, ई.एस.आई.सी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दादरी, ढाडा, बादलपुर, जेवर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिसरख, दनकौर और एडिशनल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरौला, स्वास्थ्य उपकेन्द्र रबुपुरा पर प्रसव सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है। इस दिवस पर गर्भवती की प्रसव पूर्व सभी जांच की जाती हैं।
दो केंद्रों पर दो शिफ्टों में होगा टीकाकरण।
टीकाकरण के लिए अब पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी नहीं
मेरठ 29 अक्टूबर (चमकता युग) कामकाजी लोगों को टीका लगवाने में परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने महानगर के दो बड़े टीकाकरण केंद्रों पर दो शिफ्टों में टीकाकरण शुरू करने का निर्णय लिया है। ऐसा एक नवंबर से लागू होने वाले क्लस्टर मॉडल 2.0 के तहत किया जाएगा। यानि एक नवंबर से देर शाम तक भी टीका लगवाया जा सकेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सी.एम.ओ) डा.अखिलेश मोहन ने बताया कामकाजी लोगों को टीका लगवाने में कोई दिक्कत न हो, इसलिए अब जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज में दो शिफ्टों में टीकाकरण किया जाएगा। पहली शिफ्ट सुबह नौ बजे से सायं चार बजे तक और दूसरी शिफ्ट सायं चार बजे से आठ बजे तक होगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डी.आई.ओ) डा.प्रवीन गौतम ने बताया अब टीका लगवाने के लिए पहले से पोर्टल पर पंजीकरण करने या फिर स्लॉट बुक करने की जरूरत नहीं है। सभी टीकाकरण केंद्रों पर ऑनस्पॉट पंजीकरण करते हुए कोविड रोधी टीका लगाया जा रहा है। इसलिए किसी नजदीकी केंद्र पर अपना मोबाइल और आधार कार्ड लेकर पहुंचें और टीका लगवाएं। ध्यान रहे कि टीके की दूसरी डोज लगवाने वाले वही मोबाइल साथ लेकर जाएं जिसका नंबर पहली डोज लेते समय दर्ज कराया था। मोबाइल पर दूसरी डोज के लिए आए मैसेज को दिखाकर किसी भी नजदीकी केंद्र पर टीका लगवाया जा सकता है। डी.आई.ओ ने बताया महानगर के चार केंद्रों पर एक नवंबर से डबल शिफ्ट में सप्ताह में छह दिन टीके लगाए जाएंगे। रविवार के दिन अवकाश रहेगा। बाकी सभी केंद्रों पर भी सप्ताह में छह दिन सुबह नौ बजे से चार बजे तक टीकाकरण हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग का पूरा प्रयास है कि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से छूटने न पाए और कोविड की संभावित तीसरी लहर से पूर्व अधिक से अधिक लोगों को टीके का कवर मिल जाए। डी.आई.ओ ने कहा टीका लगवाने के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। घर से मॉस्क लगाकर ही निकलें, हाथों की सफाई और दो गज की दूरी का ध्यान रखें। कोविड के मामले कम हुए हैं लेकिन लापरवाही अभी भी भारी पड़ सकती है।
एस.बी.आई जनरल इंश्योरेंस ने ऑन-द-गो हेल्थ इंश्योरेंस पेश करने के लिये गूगल पे के साथ गठबंधन किया।
गूगल पे स्पॉट पर एस.बी.आई जनरल का हेल्थ इंश्योरेंस ‘आरोग्य संजीवनी’ खरीदना
आरोग्य संजीवनी एक मानक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी है, जिसे किफायती प्रीमियम्स पर मानक कवरेज देने के लिये लॉन्च किया गया था और इससे देश में स्वास्थ्य बीमा की पहुँच को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यूजर्स गूगल पे स्पॉट के माध्यम से आरोग्य संजीवनी पॉलिसी के अंतर्गत व्यक्तिगत और पारिवारिक, दोनों प्लांस खरीद सकेंगे। इस साझेदारी पर अपनी बात रखते हुए, एस.बी.आई जनरल इंश्योरेंस के एम.डी और सी.ई.ओ प्रकाश चंद्र कांडपाल ने कहा, “आज के ग्राहक अपनी जरूरतों को लेकर अच्छी तरह से वाकिफ और विकसित हैं। महामारी ने विभिन्न आवश्यकताओं के लिये डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बढ़ा दिया है और वित्तीय समाधानों से ग्राहकों की अपेक्षाएं भी परिपक्व हुई हैं। यह गठजोड़ हेल्थ इंश्योरेंस की इस बढ़ती जरूरत को पूरा करने का एक अन्य प्रयास है, ताकि बीमा के दायरे में ज्यादा से ज्यादा लोग आ सकें। इस गठजोड़ से एस.बी.आई जनरल द्वारा एक स्टैण्डर्ड हेल्थ इंश्योरेंस प्लान आरोग्य संजीवनी की पेशकश गूगल पे प्लेटफॉर्म पर एक किफायती प्रीमियम पर की जाएगी।” एस.बी.आई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विषय में :
एस.बी.आई जनरल सबसे तेज वृद्धि करने वाली जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में से एक है। इसे भारतीय स्टेट बैंक का सुदृढ़ संरक्षण प्राप्त है। एस.बी.आई जनरल इंश्योरेंस की टीम भरोसा और सुरक्षा की परम्परा को आगे बढ़ाने के प्रति वचनबद्ध है। यह बदलते भारत के लिए सर्वाधिक भरोसेमंद जनरल इंश्योरेंस कम्पनी बनने की दूरदृष्टि रखती है। हमारी स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी और वर्ष 2011 में हमारी 17 शाखाएं थीं। आज हम 137 से अधिक शाखाओं के साथ पूरे भारत में मौजूद हैं। अभी तक हमारे ग्राहकों की संख्या 8.7 करोड़ पर पहुँच चुकी है। हम एक मजबूत बहु-वितरण मॉडल का अनुसरण करते हैं जिसमें बैंकाश्योरेंस, एजेंसी, ब्रोकिंग और रिटेल डायरेक्ट चैनल सम्मिलित हैं। वितरण नेटवर्क के मोर्चे पर एसबीआई के 22000 से अधिक शाखाओं का नेटवर्क, एजेंट्स और अन्य वित्तीय, ओईएम एवं डिजिटल पार्टनर्स के साथ हमारे पास सुदृढ़ वितरण सहयोगी हैं जो भारत के कोने-कोने में हमारी पहुँच बढ़ाते हैं। हम फिलहाल तीन मुख्य ग्राहक वर्गों को सेवा प्रदान कर रहे हैं। ये वर्ग हैं रिटेल सेगमेंट (व्यक्तियों और परिवारों के लिए); कॉर्पोरेट सेगमेंट (मझोले से लेकर बहुत आकार की कंपनियों के लिए) और एस.एम.ई सेगमेंट। हम भारतीयों की बढ़ती ज़रूरतों के अनुकूल सेवा के लिए किफायती कीमतों पर अत्याधुनिक पद्धतियों और सेवाओं के साथ भविष्य-तत्पर हैं।
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2020-21 में 22% वृद्धि के साथ 8312 करोड़ रुपये का सकल लिखित प्रीमियम (जी.डब्लू.पी) प्राप्त किया था। इसके शुद्ध लाभ में 32% तक वृद्धि हुई थी। कंपनी ने पिछले 4 वर्षों से लगातार वृद्धि दर्ज की है और बीमांकन (अंडरराइटिंग) का सकारात्मक ट्रैक रिकॉर्ड बहाल रखा है।
वैंक्टेश्वरा वर्ल्ड स्कूल में खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढाई के साथ-साथ खेल-कूद गतिविधियां भी आवश्यक है- डा.अंजुल गिरि, चेयरपर्सन
पर्यावरण एवं स्वच्छता ने दीपावली के उपलक्ष में किया मिट्टी दीयों का वितरण।
संतान की लंबी उम्र और उनकी मंगल कामना के लिए रखा अहोई अष्टमी का व्रत।
दीपावली मेला का हुआ भव्य शुभारम्भ।
वेदांत आश्रम के भूमि का अमल दरामद खतौनी एवं अन्य रिकार्ड में दर्ज कराने हेतु मुख्य मंत्री से लगाई गुहार।
लोनी 28 अक्टूबर (चमकता युग) वेदांत आश्रम के पक्ष में खसरा संख्या-1433/0-12-0 एवं 1434/0-14-0 मा.न्यायालय द्वादश अपर जिला जज गाजियाबाद के आदेश दिनांक 15-01-2002 एवं मा.उच्च न्यायालय इलाहाबाद (प्रयागराज) के आदेश दिनांक 01-05-2002 अनुसार भू-अभिलेखों में तहसील प्रशासन द्वारा नियमानुसार इंद्राज न करने के संबंध में शिकायती पत्र समाधान हेतु मुख्य मंत्री को भेजा है। नगर पालिका परिषद लोनी जनपद गाजियाबाद द्वारा वेदांत आश्रम के विरुद्ध योजित द्वितीय अपील संख्या 400, आँफ 2002, मा.उच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेश दिनांक 01,05,2002 के द्वारा डिस्मिस कर दी गई। उक्त संदर्भ में अवधेश शर्मा, अध्यक्ष व प्रबंधक, श्री वेदांत आश्रम, लोनी द्वारा उक्त दोनों आदेशों का अनुपालन एवं इंद्राज अभिलेखों में दर्ज करने हेतु जिलाधिकारी गाजियाबाद के समक्ष अनेकों पत्र प्रस्तुत किये गये हैं। परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। जिससे मा.उच्च न्यायालय इलाहाबाद( प्रयागराज) आदेश दिनांक 01-05-2002 का उल्लंघन हुआ है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 के नियम 3 में कहा गया है कि कर्तव्य परायणता की परिभाषा सेवा के प्रति पूर्ण निष्ठा से है। ऐसा सरकारी क्रामिक जो कर्तव्य के प्रति समर्पित नहीं है, दुराचरण का दोषी हैं। वास्तव में सत्य निष्ठा व कर्तव्य परायणता एक ही के प्रति रूप है, जिनका एक दूसरे के बगैर अस्तित्व नहीं है। यह है कि उक्त वेदांत आश्रम भूमि के संबंध में दाखिल खारिज की प्रक्रिया सन् 1993 से ही गतिमान है। उपरोक्त वेदांत आश्रम, थाना व तहसील लोनी जनपद गाजियाबाद उत्तर प्रदेश की भूमि का उपरोक्त मा.दोनों न्यायालयों के आदेशों का अनुपालन करते हुए अमल दरामद खतौनी एवं अन्य रिकार्ड में दर्ज करवाने की मांग मुख्य मंत्री से जन सुनवाई के माध्यम से की है।
अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मिलेंगी जेनरिक दवाएं।
जेनरिक दवाओं के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिलेंगे 30 हजार।
मिशन निदेशक की ओर से मेडिकल कार्पाेरेशन को जारी किया फंड जनपद में पी.एच.सी और सब-सेंटर पर बने हैं 124 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर।
मेरठ 28 अक्टूबर (चमकता युग) जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप केन्द्रों पर बनाए गए हेल्थ और वेलनेस सेंटर पर अब जेनरिक दवाएं मिलेंगी। जेनरिक दवाओं के लिए शासन से बजट जारी कर दिया गया है। मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय की ओर से उत्तर प्रदेश मेडिकल कार्पाेरेशन को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि हर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को जेनरिक दवाओं के लिए 30 हजार रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। पहली किश्त के रूप में पूरे सूबे में 4166 लाख रुपए आवंटित भी कर दिए गए हैं। इस बजट से क्रियाशील या फिर जल्दी ही क्रियाशील होने वाले सेंटर के लिए जेनरिक दवाएं खरीदी जाएंगी। जनपद मेरठ के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के लिए पहली किश्त के लिये धन आवंटित किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.अखिलेश मोहन ने बताया सरकार ने वेलनेस प्रोग्राम के अंतर्गत हर जनपद में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनवाए हैं। मेरठ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पी.एच.सी ) पर कुल 31 और यू.पी.एच.सी पर 24 सेंटर हैं। इसके अतिरिक्त सब सेंटर्स पर कुल 124 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए गए हैं। इन सभी सेंटर्स का उद्देश्य 30 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी लोगों की समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच करना है। खासकर गैर संचारी रोगों की समय से पहचान करने के उद्देश्य से यह जांच की जाएंगी। इनमें ब्लड प्रेशर मधुमेह टी.बी और ओरल कैंसर को मुख्य रूप से शामिल किया गया है। सरकार वेलनेस प्रोग्राम के जरिए बीमारियों की जल्दी पहचान करने के साथ ही उपचार करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू कर रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि समय रहते उपचार शुरू होने से नतीजे बेहतर होते हैं। ब्लड प्रेशर, रक्तचाप का पता शुरुआत में ही लग जाए तो जीवनशैली में बदलाव कर इसे गंभीर रूप धारण करने से रोका जा सकता है। दूसरी ओर उपचार में देरी होने पर यह बीमारी दूसरी गंभीर बीमारियों को कारण बन जाती है। डी.सी.पी.एम हरपाल सिंह ने बताया इस बजट को अनटाईफंड कहते हैं, जिसका कोई बजट नहीं होता है। सरकार के इस प्रयास से हेल्थ एंड वेलनेस सेटर्स को काफी मदद मिलेगी।
प्रधानाध्यापिका द्वारा हुआ पुरातन छात्र सम्मान समारोह का आयोजन।
मेरठ : उच्च प्राथमिक विद्यालय गगोल मेरठ में स्कूल की प्रधानाध्यापिका डा.कविता गुप्ता के द्वारा पुरातन छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।...
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मेरठ 20 सितंबर (CY न्यूज) राष्ट्रीय हनुमान दल मेरठ के पद अधिकारियों द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमे राष्ट्रीय हनुमान दल के क...
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मेरठ : उच्च प्राथमिक विद्यालय गगोल मेरठ में स्कूल की प्रधानाध्यापिका डा.कविता गुप्ता के द्वारा पुरातन छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।...
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मेरठ 28 जून (चमकता युग)। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन एवं विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पिटल के प्रबन्ध न...